जन्माष्टमी कितनी लाभदायक हैं

आइये जानते है कि जन्माष्टमी

भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग व्रत, पूजन और उत्सव मनाते हैं।

लेकिन क्या आप जानते है कि श्री कृष्ण जी ने कभी नहीं कहा मेरी पूजा करो 
श्री कृष्ण जी देवी-देवताओं की पूजा करने के पक्ष में नहीं थे जिस कारण से उन्होंने इंद्र की पूजा करने को मना किया था और  गोवर्धन पर्वत उठाया था इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए
ब्रह्मा विष्णु महेश स्वयं तीन गुण  व तीन  देवता है जो अपनी पूजा के लिए नहीं कहते, वे तो पूर्ण परमात्मा की भक्ति के लिए कहते हैं
Krishna janmashtami
Krishna janmashtami
कृष्ण जी ने गोवर्धन उठाया ताकि हम इंद्र की न पूजा करके पूर्ण परमात्मा की पूजा करें ।
तीनों देवताओं से भी बड़े  पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी है

राम तथा श्री कृष्ण जी ने भी गुरु बनाकर अपनी भक्ति की, मानव जीवन सार्थक किया । इससे सहज में ज्ञान हो जाना चाहिए कि अन्य व्यक्ति यदि गुरु के बिना भक्ति करता है तो कितना सही है ? अर्थात व्यर्थ हैं

Krishna janmashtami
 Krishna janmashtami
कबीर, तीन देव( ब्रह्मा ,विष्णु, महेश) की जो करते भक्ति, कभी ना होवे उनकी मुक्ति ।
 तीनो लोक के भगवान श्री कृष्ण जी के ऊपर भी कोई परम शक्ति है।
 वह शक्ति कौन है?
पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी हैं जो सशरीर आते है 
Krishna janmashtami
Krishna janmashtami
आखिर क्या कारण था कि श्री कृष्ण जी के पांडवों द्वारा किए गए अश्वमेघ यज्ञ में उपस्थित रहने के बाद भी वह यज्ञ संपूर्ण नहीं हुआ?
इसका कारण यह है कि श्री कृष्ण जी पूर्ण परमात्मा नहीं है पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी हैं
Krishna janmashtami
Krishna janmashtami
कबीर ,चार भुजा के भवन में, भूलि परे सब संत। कबीरा सुमिरै तासु को , जाके भुजा अनन्त।
 श्री कृष्ण जी चतुर्भुजी  भगवान थे, तो वो  परमात्मा कौन है जिसके अनंत भुजाये है

Comments

Popular posts from this blog

सन्त रामपाल जी महाराज जी ही तत्वदर्शी सन्त है

कबीर परमात्मा की लीलाये

सतगुरु व भगवान में अंतर